- World Wide
- International
- National
- State
- Union Territory
- Capital
- Social
- Political
- Legal
- Finance
- Education
- Medical
- Science & Tech.
- Information & Tech.
- Agriculture
- Industry
- Corporate
- Business
- Career
- Govt. Policy & Programme
- Health
- Sports
- Festival & Astrology
- Crime
- Men
- Women
- Outfit
- Jewellery
- Cosmetics
- Make-Up
- Romance
- Arts & Culture
- Glamour
- Film
- Fashion
- Review
- Satire
- Award
- Recipe
- Food Court
- Wild Life
- Advice
कालाजार उन्मूलन को लेकर जनजागरूकता पर दिया गया बल
-वेक्टर जनित रोग से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
- स्वास्थ्य विभाग एवं पीसीआई के संयुक्त तत्वावधान में प्रशिक्षण का आयोजन
- प्रशिक्षण में सीएचओ, बीसीएम, भीबीडीएस समेत अन्य पदाधिकारी और कर्मी हुए शामिल
लखीसराय, 21 सितंबर । बुधवार को लखीसराय स्थित एक निजी होटल में सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में वेक्टर जनित रोग से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया । यह प्रशिक्षण स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीसीआई के सहयोग से हुआ। जिसमें जिले के सभी सीएचसी, बीसीएम, भीबीडीएस समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी और कर्मी शामिल हुए। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से कालाजार उन्मूलन को लेकर विस्तृत चर्चा करते हुए जनजागरूकता पर बल दिया गया तथा इस बीमारी की रोकथाम को लेकर आवश्यक जानकारी भी दी गई। जिसमें कालाजार उन्मूलन को लेकर पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों, पीडीएस दुकानदारों समेत आईसीडीएस एवं जीविका के कर्मियों के अलावा विकास मित्र, शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों से समन्वय कर सामुदायिक स्तर पर लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करने के लिए विस्तृत चर्चा और विचार-विमर्श किया गया। वहीं, प्रशिक्षक सह वेक्टर बोर्न डिजीज सलाहकार नरेंद्र कुमार, वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी भगवान दास, गौतम प्रसाद एवं पीसीआई के आरएमसी सत्य प्रकाश द्वारा प्रशिक्षण में मौजूद प्रतिभागियों को कालाजार के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी देते जनजागरूकता पर भी बल दिया गया। ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी प्रतिभागी सामुदायिक स्तर पर लोगों को बेहतर तरीके से कालाजार से बचाव के लिए आसानी के साथ आवश्यक जानकारी दे लक्षण वाले लोगों को समुचित इलाज के लिए प्रेरित कर ससमय सरकारी स्वास्थ्य संस्थान भेज सकें । साथ ही पूरे गाँव के लोग इस बीमारी से सुरक्षित हों। इस मौके पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ धीरेंद्र कुमार समेत अन्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद थे।
- कालाजार से बचाव के लिए जागरूक और लक्षण वाले व्यक्ति को इलाज के लिए प्रेरित करने की दी गई जानकारी :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया, प्रशिक्षण के दौरान मौजूद सभी प्रतिभागियों को कालाजार के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करने एवं लक्षण वाले व्यक्ति को इलाज के लिए प्रेरित करने की भी विस्तृत जानकारी दी गई। ताकि लक्षण वाले व्यक्ति का समय पर जाँच के साथ आवश्यक इलाज शुरू हो सके और सामुदायिक स्तर पर भी लोगों को इस बीमारी के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी मिल सके। जिससे शुरुआती दौर में ही लोग सजग हो आवश्यक कदम उठा सके। सरकारी अस्पतालों में जाँच एवं इलाज की मुफ्त समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, उन्होंने बताया, इस बीमारी से बचाव के लिए जमीन पर नहीं सोएं । मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करें। दिन में भी मच्छरदानी लगाकर ही सोएं। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें ।
- जनजागरूकता से ही कालाजार उन्मूलन संभव :
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ धीरेंद्र कुमार ने बताया, जनजागरूकता से ही कालाजार उन्मूलन संभव है। इसलिए, प्रशिक्षण के दौरान सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने पर बल दिया गया। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया कइ प्रशिक्षण में जनप्रतिनिधियों, पीडीएस दुकानदारों समेत अन्य विभागों से समन्वय कर जनजागरूकता को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।ताकि कालाजार से बचाव के लिए लोगों को जरूरी जानकारी मिल सके और लोग इस बीमारी से सुरक्षित हो सकें ।
- कालाजार के लक्षण :
- लगातार रूक-रूक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना।
- वजन में लगातार कमी होना।
- दुर्बलता।
- व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
- प्लीहा में नुकसान होता है।
- छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
- छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
- घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं। छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
- छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
- ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
- अपने क्षेत्र में कीटनाशक छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।

रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar