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चिकित्सकीय परामर्श के बिना प्रसूता को ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन देना है नुकसानदेह
- by
- Aug 12, 2022
- 2130 views
- स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराने की दी जाती है सलाह
- घर पर प्रसव कराने के लिए दाई या स्थानीय ग्रामीण चिकित्सकों पर निर्भर रहना हो सकता है नुकसानदेह
मुंगेर, 12 अगस्त। प्रसव एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें चिकित्सकीय परामर्श पूरी प्रक्रिया को सरल सुरक्षित बनाने में सहयोग प्रदान करता है। यदि प्रसव को समय से पहले प्रेरित करने के लिए ऑक्सीटोसिन जैसे इंजेक्शन का प्रयोग किया जाता तब यह जन्म लेने वाले नवजात शिशु के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
सिविल सर्जन डॉ. पीएम सहाय ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में प्रसव कराने वाली दाई एवं स्थानीय ग्रामीण चिकित्सकों की सलाह पर प्रसूति को ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन दिए जाने से जन्म लेने पर नवजात शिशु को दम घुटने की गंभीर समस्या हो सकती है। जिसे चिकित्सकीय भाषा में एस्फिक्सिया के नाम से जाना जाता है। एस्फिक्सिया के कारण बच्चे को गंभीर रूप से सांस लेने में तकलीफ़ होती जिससे नवजात की मृत्यु तक हो सकती है ।
एस्फिक्सिया है नवजात मृत्यु दर का प्रमुख कारण :
मुंगेर के अपर मुख्य चिकिसा पदाधिकारी डॉ आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि एस्फिक्सिया नवजातों में मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। राज्य में लगभग 44% नवजातों की मृत्यु एस्फिक्सिया के कारण हो जाती है । ऑक्सीटोसिन का गलत तरीके से इस्तेमाल करने के कारण एस्फिक्सिया होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का इस्तेमाल प्रसूति के यूटरस के संकुचन के लिए किया जाता है। खासकर प्रसव के बाद अत्याधिक रक्तस्राव रोकने के लिए ही ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए । लेकिन समुदाय स्तर पर दाई या कुछ स्थानीय ग्रामीण चिकित्सकों द्वारा प्रसूति को प्रसव दर्द से छुटकारा दिलाने एवं शीघ्र प्रसव कराने के उद्देश्य से इसका इस्तेमाल किया जा रहा है जो नुकसान देह है। इसके कारण एस्फिक्सिया के मामलों में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का प्रयोग प्रसव के दौरान करने से पहले विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह जरूरी है। ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का दुरुपयोग रोकने से एस्फिक्सिया के मामलों में जरूर कमी आएगी। इसके साथ ही इससे नवजात मृत्यु दर को भी रोकने में सहयोग मिलेगा ।
क्या नहीं करें:
- घर पर प्रसव कभी नहीं करायें
- प्रसव के विषय में दाई या स्थानीय ग्रामीण चिकित्सकों से कोई सलाह नहीं लें
- बिना चिकित्सकीय परामर्श के ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल नहीं करें
- प्रसव में शीघ्रता के लिए चिकित्सक पर दबाव नहीं बनाए
क्या करें:
- सुरक्षित संस्थागत प्रसव ही करायें ।
- नियमित रूप से 4 बार प्रसव पूर्व जाँच (एएनसी) जरूर करायें।
- क्षेत्रीय कार्यकर्ता, दाई या स्थानीय ग्रामीण चिकित्सक यदि ऑक्सीटोसिन इस्तेमाल के लिए कहे तब तुरंत ही विशेषज्ञ चिकित्सक की लें सलाह ।
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The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar