कालाजार से बचाव के लिए जिला के छह प्रखंडों में किया जा रहा है सिंथेटिक पैराथायराइड का छिड़काव 

 
- 2020 से अभी तक जिलाभर में पाए गए हैं कुल 77 कालाजार मरीज 
- बालू मक्खी के काटने से होता है   कालाजार, सिंथेटिक पैराथायराइड  के छिड़काव से होती है रोकथाम  
- सदर अस्पताल खगड़िया, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अलौली, बेलदौर और गोगरी में है कालाजार ट्रीटमेंट सेंटर 
 
खगड़िया-
  कालाजार से बचाव के लिए जिला के छह प्रखंड में सिंथेटिक पैराथायराइड (एसपी) के  छिड़काव का दूसरा चरण शुरू हो  गया है। इससे पहले 15 मार्च से 8 मई के दौरान इन सभी प्रखंडों में सिंथेटिक पैराथायराइड के छिड़काव का पहला चरण चला था । इस आशय की जानकारी जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ विजय कुमार ने दी । उन्होंने बताया कि जिला के चौथम प्रखंड को छोड़कर शेष सभी छह प्रखंडों सदर प्रखंड खगड़िया, मानसी, अलौली, बेलदौर, गोगरी और परबत्ता में पाए गए कालाजार मरीजों के घरों के आसपास 17 अगस्त से आगामी 15 अक्टूबर तक सिंथेटिक पैराथायराइड  का छिड़काव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला भर में सन 2020 में 24, 2021 में 27, 2022 में 20 और 2023 में जुलाई माह तक 6 सहित कुल 77 कालाजार के मरीज मिले हैं। 2023 में जुलाई माह तक अलौली में 2, गोगरी में 3 और परबत्ता प्रखंड में एक कालाजार का मरीज मिला है। 
 
जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार बब्लू सहनी ने बताया कि अलौली प्रखंड के 14 गांव में  17 अगस्त से 15 अक्टूबर कुल 60 कार्य दिवस के दौरान एसपी दवा का छिड़काव किया जा रहा है । यहां 2020 में 13, 2021 में 18 और 2022 में 7 कालाजार के मरीज मिले थे। इस वर्ष जुलाई माह तक वहां दो और कालाजार के मरीज मिल चुके हैं। वहीं बेलदौर प्रखंड के 8 गांव में 17 अगस्त से 12 सितंबर कुल 27 कार्य दिवस के दौरान एसपी दवा का छिड़काव किया जा रहा है । यहां 2020 में 4, 2021 में 4 और 2022 में कालाजार के 2 मरीज मिले थे । 
इसी तरह गोगरी प्रखंड के 8 गांव में  17 अगस्त से 15 अक्टूबर तक कुल 60 कार्य दिवस के दौरान एसपी दवा का छिड़काव किया जा रहा है। यहां 2020 में 2, 2021 में 4, 2022 में 4 और 2023 में अभी तक 3 कालाज़ार के मरीज मिले हैं। इसी तरह खगड़िया सदर प्रखंड के 5 गांव  में 17 अगस्त से 15 सितंबर तक कुल 30 कार्य दिवस दौरान एसपी दवा का छिड़काव किया जा रहा है। यहां 2020 में 4,  और 2022 में कालाजार का 1 मरीज मिला था । वहीं मानसी प्रखंड के 3 गांव में 17 अगस्त से 15 सितंबर तक कुल 30 कार्य दिवस के दौरान एसपी दवा का छिड़काव किया जा रहा है। यहां 2020 में 1, 2021 में भी 1 और 2022 में 4 कालाजार का मरीज मिला था। परबत्ता प्रखंड क्षेत्र के 3 गांव में 17 अगस्त से 15 अक्टूबर तक कुल 60 कार्य दिवस के दौरान एसपी दवा का छिड़काव किया जा रहा है। यहां 2022 में 2 और 2023 में जुलाई माह तक 1 कालाजार मरीज मिल चुका है। 
 
बालू मक्खी के काटने से होती है कालाजार की बीमारी : 
खगड़िया के वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी मो. शाहनवाज आलम ने बताया कि कालाजार की बीमारी सैंड फ्लाई या बालू मक्खी के काटने से होती है। इसके लिए आवश्यक है कि घर के आसपास सभी लोग साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि जिलाभर में चार जगहों सदर अस्पताल खगड़िया, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अलौली, बेलदौर और गोगरी में कालाजार का ट्रीटमेंट सेंटर कार्यरत है। जिला के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर कालाजार बीमारी की मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है। सरकार के द्वारा साल में दो बार कालाजार मरीजों के घरों में कालाजार की दवा एसपी पाउडर का छिड़काव किया जाता है। इसलिए सभी लोगों को घरों में छिड़काव करने आए कर्मियों को सहयोग करना चाहिए। 
ये हैं कालाजार बीमारी के लक्षण : 
उन्होंने बताया कि 15 दिनों से अधिक समय से वैसा बुखार जो दवा खाने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा हो। 
मरीज के पेट का आकार का बढ़ना ।
मरीज में खून की कमी, कमजोरी एवं सुस्तीपन।
मरीज को भूख नहीं लगना और लगातार वजन का कम होते जाना।

रिपोर्टर

  • Dr. Rajesh Kumar
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