छात्राओं को एनीमिया से बचाव की दी गई आवश्यक और जरूरी जानकारी 

 
- जागरूकता • कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय मानसी के छात्राओं को पिरामल फाउंडेशन द्वारा दी गई जानकारी 
- एनीमिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की दी गई जानकारी 
 
खगड़िया, 17 अगस्त-
 
अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम के तहत पिरामल फाउंडेशन द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय मानसी के छात्राओं को एनीमिया से बचाव की आवश्यकता और जरूरी जानकारी दी गई। इस  दौरान छात्राओं को एनीमिया के कारण, लक्षण एवं इससे बचाव और उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। जिसमें बताया गया कि एनीमिया से बचाव के लिए प्रोटीन युक्त खाना का सेवन करना सबसे बेहतर और कारगर उपाय है। क्योंकि, यह बीमारी खून की कमी से होती है। इसलिए, इससे बचाव के लिए आयरन और प्रोटीन युक्त खाना का सेवन करना जरूरी है। दरअसल, शरीर में पर्याप्त आयरन रहने से इस बीमारी की संभावना ना के बराबर रहती है। इसलिए, खान-पान एवं रहन-सहन का विशेष ख्याल रखें और सकारात्मक बदलाव ही बीमारी से बचाव का बड़ा उपचार है। यह बीमारी खून में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लोबिन कम होने से होती है। इसलिए, लक्षण दिखते ही तुरंत इलाज कराएं और चिकित्सा परामर्श का पालन करें। अन्यथा थोड़ी सी लापरवाही  बड़ी परेशानी का कारण हो सकती है। इससे घबराने की भी जरूरत नहीं है। ऐसे में समय पर जाँच के लिए अस्पताल जाने एवं चिकित्सकों की सलाह का पालन करना चाहिए। जो आगे की परेशानी उत्पन्न नहीं होने देगी, आपके लिए फायदेमंद साबित होगा तथा आसानी के साथ आपको बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। 
 
- मासिक धर्म के दौरान बरती जाने वाली सतर्कता और सावधानी की भी दी गई जानकारी : 
गांधी फेलो  की  राजिया उमर ने बताया, छात्राओं को पहली बार मासिक धर्म होने पर क्या करना चाहिए, मासिक धर्म के दौरान किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।  व्यक्तिगत साफ-सफाई समेत अन्य आवश्यक जानकारी दी गई। साथ ही मासिक धर्म के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर, तुरंत चिकित्सकों से जाँच करानी  चाहिए। जाँच के पश्चात आवश्यक चिकित्सा परामर्श का पालन करना चाहिए। 
 
- प्रोटीनयुक्त खाने के  सेवन की दी गई जानकारी : 
गांधी फेलो  की  राखी कुमारी ने बताया, छात्राओं को प्रोटीनयुक्त खाना की भी जानकारी दी गई। जिसमें बताया गया कि एनीमिया से बचाव के लिए प्रोटीन युक्त खाने का सेवन करें। जैसे  पालक, सोयाबीन, चुकंदर, लाल मांस, मूँगफली का मक्खन, अंडे, टमाटर, अनार, शहद, सेब, खजूर आदि प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें। जो कि आपके शरीर की कमी को पूरा करता एवं हीमोग्लोबिन जैसी कमी भी दूर होती है। इससे आपको एनीमिया बीमारी से बचाव मिल सकता है।
 
- आयरनयुक्त खाना का सेवन पर भी दिया गया बल : 
पिरामल फाउंडेशन के डीपीएल प्रफु ल्ल झा एवं कार्यक्रम प्रबंधक प्रभात गौतम ने बताया, छात्राओं को आयरनयुक्त खाना का सेवन करने के लिए भी जागरूक किया गया। जिसमें बताया गया कि आयरन की कमी के कारण एनीमिया होती है। इसलिए इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को आहार बदलने एवं आयरन युक्त आहार का सेवन करना जरूरी है। साथ ही लक्षण दिखते ही मरीजों को तुरंत जाँच करानी  चाहिए और चिकित्सा परामर्श का पालन करते हुए आवश्यक इलाज भी कराना चाहिए। इसके अलावा समय पर भोजन करना  भी जरूरी है। इसलिए, इस बात का विशेष ख्याल रखें कि समय पर खाना खाएं और परिवार के अन्य सदस्यों के  भी खान-पान का ख्याल रखें। खासकर घर के बच्चे और बुजुर्गों के खान-पान को लेकर विशेष ख्याल रखें। 
 
- ये हैं एनीमिया के प्रारंभिक लक्षण : 
एनीमिया बीमारी के  शुरुआती लक्षण थकान, कमजोरी, त्वचा का पीला होना, दिल की धड़कन में बदलाव, साँस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, सीने में दर्द, हाथों और पैरों का ठंडा होना, सिरदर्द आदि  होना है। ऐसा लक्षण होते ही ससमय इलाज कराएं।

रिपोर्टर

  • Dr. Rajesh Kumar
    Dr. Rajesh Kumar

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