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जेंडर समानता के मुद्दे पर पंचायत प्रतिनिधियों का उन्मुखीकरण, गैर-बराबरी एवं हिंसा को रोकने पर हुई चर्चा
• सहयोगी संस्था के द्वारा जेंडर समानता स्थापित करने हेतु आयोजित किया गया पंचायत प्रतिनिधियों का उन्मुखीकरण,
• जेंडर हिंसा को रोकने में पंचायत प्रतिनिधि निभा सकते हैं महत्वपूर्ण भूमिका
• पंचायत विकास की योजनाएँ जेंडर संवेदनशील हों ताकि समग्र विकास हो सके।
पटना, 04 मार्च -
पटना जिले के बिहटा स्थित सिमरी पंचायत में सहयोगी संस्था के द्वारा शुक्रवार को नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम सिमरी के स्थानीय सरकार पंचायत भवन में संपन्न हुआ। कार्यशाला में सिमरी और पैनाठी पंचायत के 35 प्रतिनिधियों ने प्रतिभागिता की एवं इनमें 9 महिला प्रतिनिधि भी शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों को समाज में व्याप्त जेंडर आधारित गैर-बराबरी और हिंसा के मुद्दों पर जागरूक किया गया।
उल्लेखनीय है की सहयोगी संस्था शुरुआत से ही जेंडर हिंसा एवं घरेलु हिंसा को समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रही है एवं इस उद्देश्य को पाने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन कर जागरूकता फ़ैलाने का कार्य करती है। सहयोगी द्वारा पटना के बिहटा प्रखंड के 5 पंचायतों एवं 25 गांवों में जेंडर हिंसा एवं भेदभाव को समाप्त करने के लिए ‘जेंडर हिंसा से मुक्त निजी एवं सार्वजनिक स्थान’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत समुदाय एवं हितधारकों को मुद्दे पर जागरूक करने के लिए उनका उन्मुखीकरण, प्रशिक्षण, बैठकों, सत्रों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, अभियानों, आदि का आयोजन किया जाता है।
लड़कियों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा की होती है अनदेखी :
इस अवसर पर संस्था की प्रमुख रजनी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा, यह कार्यक्रम हमारे समाज में व्याप्त जेंडर भेदभाव एवं हिंसा को समाप्त करने में उनके योगदान को सुनिश्चित कराने के लिए आयोजित किया गया है। घर के बाहर की हिंसा के साथ-साथ लड़कियां-महिलाएं घर में भी अनेक तरह की हिंसा और भेदभाव झेलती हैं। जन्म से ही लड़कियों को दोयम दर्जे का समझा जाता है। उनके स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा की अनदेखी होती है। समान अवसर एवं अधिकार से वंचित रखा जाता है। उन्होंने कहा कि समाज में जेंडर समानता स्थापित करने में पंचायत प्रतिनिधियों, विशेषकर महिला प्रतिनिधियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य चुने गए पंचायत प्रतिनिधि एवं खासकर महिला पंचायत प्रतिनिधियों के नेतृत्व को सशक्त कर उनकी क्षमता वृद्धि में सहायता करना है। जिससे वे स्थानीय सरकार (पंचायतीराज संस्था) में और समुदाय के स्तर पर परिवर्तन के एजेंट के रूप में प्रभावशाली ढंग से काम करने के लिए सक्षम हो सकें। साथ ही, वे यौन व प्रजनन, स्वास्थ्य एवं अधिकार तथा जेंडर आधारित हिंसा से जुड़े मुद्दों सहित अपने समुदाय में महिलाओं और लड़कियों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को हल करने और संबोधित करने के लिए आवाज उठा सकें।
सरकार की पहली पायदान है पंचायती राज व्यवस्था :
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को बताया गया कि पंचायती राज व्यवस्था गांव के स्तर की शासन व्यवस्था है। इस प्रक्रिया के द्वारा गांव के लोग सरकार के काम में भाग लेते हैं। यह जनता द्वारा चुनी गई सरकार की पहली पायदान है। पंचायत की जरूरतों को पहचानना और योजना बनाना, महिला एवं बाल विकास की योजनाओं को लागू करना, महिलाओं से जुड़े मुद्दों एवं उनकी चिंताओं को उजागर करने के लिए सरकारी अधिकारीयों से बातचीत करना और मुद्दों को आगे बढ़कर सुलझाना, महिला प्रतिनिधियों की भूमिका और जिम्मेवारी कई गुना होती है। सबसे जरूरी यह समझना है कि सभी प्रमुख हितधारकों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श कर एक एकीकृत या आपस में जुड़ी स्थानीय योजनाएं बनाने के लिए जिम्मेवार होंगी। आपको यह भी देखना है कि ऐसी योजनाएं जेंडर संवेदनशील हों। कार्यक्रम में पंचायत डेवलपमेंट प्लान के बारे में चर्चा की गई एवं जेंडर समानता को ध्यान में रखने की बात कही गई।
उन्मुखीकरण कार्यक्रम के आयोजन से हमारी क्षमता में वृद्धि होगी :
कार्यक्रम में प्रतिनिधियों से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर चलाए जा रहे योजनाओं यथा – वृद्धा पेंशन, विकलांग पेंशन, विधवा पेंशन, राशन, आदि से महिलाओं को विशेष रूप से जोड़ने की बात कही गई। कार्यक्रम में प्रखंड कार्यालय के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को इन योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक बताया कि किस प्रकार इन योजनाओं से लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर सिमरी पंचायत के मुखिया ओमप्रकाश, उपमुखिया राकेश कुमार, वार्ड सदस्य मनोज कुमार चौधरी, हमीदा बेगम, सोनी प्रवीण, शर्मीला प्रवीण उषा देवी ने भी अपने विचार व्यक्त किये एवं सहयोगी द्वारा किये जाने वाले प्रयासों की सराहना की। मुखिया ओमप्रकाश ने कहा कि इस तरह के उन्मुखीकरण कार्यक्रम के आयोजन से हमारी क्षमता में वृद्धि होगी, ऐसे कार्यक्रम आगे भी आयोजित किये जाने चाहिए। वार्ड सदस्या हमीदा बेगम ने कहा कि हम भी इस कार्यक्रम से मिली जानकारियों को समुदाय में फ़ैलाने का काम करेंगीं।
कार्यक्रम में सहयोगी से मनोज, सुरेन्द्र, धर्मेन्द्र, अशोक कुमार, बिंदु, निर्मला, रिंकी, रूबी ने भाग लिया।
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Dr. Rajesh Kumar